Wednesday, 17 July 2024

सत्य प्रेम करुणा


सत्य-प्रेम-करुणा

केवल सत्य ही सत्य है,
केवल सत्य ही नित्य है
सत्य शिव है, सत्य सुन्दर है

प्रेम प्यास है और प्रेम ही तृप्ति है
प्रेम पदुमराग है और प्रेम ही अनुरक्ति है
प्रेम आस भी है, प्रेम विश्वास भी है
प्रेम की पीड़ा में भी सच्चा सुख है

संवेदना के सागर की तलहटी में
जब करुणा के बीज उगेंगे
तब प्रेम का कमल प्रस्फुटित होगा

        रामनारायण सोनी
          १८.०७.२४

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